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मेरा परिवार

Mahadevi Verma
4.9/5 (24491 ratings)
Description:मेरा परिवार महादेवी जी ने कुछ विशिष्ट मानवेतर प्राणियों के प्रति अपनी जिस सहज, सौहार्द और एकांत आत्मीयता की अभिव्यंजना का जो अपूर्व कला-कौशल अपने इन चित्रों में व्यक्त किया है, वह केवल उनकी अपनी ही कला की विशिष्टता की दृष्टि से नहीं वरन् संसार-साहित्य की इस कोटि की कला के समग्र क्षेत्र में भी बेमिसाल और बेजोड़ है। ये कृतियाँ मानवीय भावज्ञता, संवेदना और कलात्मक प्रतिभा के अपूर्व निदर्शन की दृष्टि से शाब्दिक अर्थ में अपूर्व और अद्भुत कलात्मक चमत्कार के नमूने हैं। पशु-पक्षियों के साथ प्रतिदिन के साधारण क्रीड़ा-कौतुक की जमीन पर कवयित्री ने अपने जादुई शिल्प के जो नमूने पाठकों के आगे उपस्थित किये हैं, उनमें स्थूल पार्थिव जीवन को सूक्ष्म आध्यात्मिक संवेदना के स्तर तक उभारकर रख दिया गया है। इन गद्य-चित्रों के पात्र भले ही मानव न हों, पर हैं वे सब मानवीय संवेदना की सूक्ष्मतर अनुभूति से ओत-प्रोत। उन सभी मानवेतर पात्रों की गतिविधि की संचालिका के रूप में महादेवी जी का व्यक्तित्व इन चित्रों में अपनी परिपूर्ण मानवीयता के साथ उभरकर पग-पग पर पाठक की चेतना के अणु-अणु में अपने अमृत-स्पर्श का संचार करता चला जाता है।We have made it easy for you to find a PDF Ebooks without any digging. And by having access to our ebooks online or by storing it on your computer, you have convenient answers with मेरा परिवार. To get started finding मेरा परिवार, you are right to find our website which has a comprehensive collection of manuals listed.
Our library is the biggest of these that have literally hundreds of thousands of different products represented.
Pages
526
Format
PDF, EPUB & Kindle Edition
Publisher
Lokbharti Prakashan
Release
2008
ISBN
8180312828

मेरा परिवार

Mahadevi Verma
4.4/5 (1290744 ratings)
Description: मेरा परिवार महादेवी जी ने कुछ विशिष्ट मानवेतर प्राणियों के प्रति अपनी जिस सहज, सौहार्द और एकांत आत्मीयता की अभिव्यंजना का जो अपूर्व कला-कौशल अपने इन चित्रों में व्यक्त किया है, वह केवल उनकी अपनी ही कला की विशिष्टता की दृष्टि से नहीं वरन् संसार-साहित्य की इस कोटि की कला के समग्र क्षेत्र में भी बेमिसाल और बेजोड़ है। ये कृतियाँ मानवीय भावज्ञता, संवेदना और कलात्मक प्रतिभा के अपूर्व निदर्शन की दृष्टि से शाब्दिक अर्थ में अपूर्व और अद्भुत कलात्मक चमत्कार के नमूने हैं। पशु-पक्षियों के साथ प्रतिदिन के साधारण क्रीड़ा-कौतुक की जमीन पर कवयित्री ने अपने जादुई शिल्प के जो नमूने पाठकों के आगे उपस्थित किये हैं, उनमें स्थूल पार्थिव जीवन को सूक्ष्म आध्यात्मिक संवेदना के स्तर तक उभारकर रख दिया गया है। इन गद्य-चित्रों के पात्र भले ही मानव न हों, पर हैं वे सब मानवीय संवेदना की सूक्ष्मतर अनुभूति से ओत-प्रोत। उन सभी मानवेतर पात्रों की गतिविधि की संचालिका के रूप में महादेवी जी का व्यक्तित्व इन चित्रों में अपनी परिपूर्ण मानवीयता के साथ उभरकर पग-पग पर पाठक की चेतना के अणु-अणु में अपने अमृत-स्पर्श का संचार करता चला जाता है।We have made it easy for you to find a PDF Ebooks without any digging. And by having access to our ebooks online or by storing it on your computer, you have convenient answers with मेरा परिवार. To get started finding मेरा परिवार, you are right to find our website which has a comprehensive collection of manuals listed.
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Pages
526
Format
PDF, EPUB & Kindle Edition
Publisher
Lokbharti Prakashan
Release
2008
ISBN
8180312828
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